Khabarhaq

गुरुग्राम लोकसभा सीट से 1967 और 1971 के बाद कोई मुस्लिम सांसद नहीं बन सका।

गुरुग्राम लोकसभा सीट से 1967 और 1971 के बाद कोई मुस्लिम सांसद नहीं बन सका। –फरीदाबाद लोकसभा सीट से 1988 के बाद कोई मुस्लिम सांसद

मेवात के चित्रकार जुबेर को हरियाणा पुरातत्त्व सर्वेक्षण और संग्रहालय विभाग द्वारा आयोजित ” हैरीटेज इवेंट” से आया बुलावा

 मेवात के चित्रकार जुबेर को हरियाणा पुरातत्त्व सर्वेक्षण और संग्रहालय विभाग द्वारा आयोजित ” हैरीटेज इवेंट” से आया बुलावा   • 21 जनवरी को गुड़गांव

छत्रपति शिवाजी को औरंगजेब की आगरा जेल से मेव बहादुर छुड़ाकर लाए थे

  –छत्रपति शिवाजी को औरंगजेब की आगरा जेल से मेव बहादुर छुड़ाकर लाए थे -’राजा हसन खां मेवाती’ वतनपरस्त सोच का उदाहरण है – मेव

मेवात के जयसिंहपुर निवासी सीआरपीएफ कमांडेंट मोहम्मद खालिद को मिला *होम मिनिस्टर स्पेशल ऑपरेशन मेडल*

  मेवात के जयसिंहपुर निवासी सीआरपीएफ कमांडेंट मोहम्मद खालिद को मिला *होम मिनिस्टर स्पेशल ऑपरेशन मेडल* •नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने पर मिला सम्मान •

मेवात का मेव मुस्लिम, अपने आपको क्यों, सूर्य और चंद्रवाशी कहते हैं। मेवों की कितनी पाल और गोत्र हैं, जो हिंदुओ से मिलती हैं। देखे मेवों की पूरी हिंस्टी

• मेवात का मेव मुस्लिम, अपने आपको क्यों, सूर्य और चंद्रवाशी कहते हैं। • मेवों की कितनी पाल और गोत्र हैं, जो हिंदुओ से मिलती

-देश की आजादी में मेवात के बहादुरों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। -देश की पहली क्रांति में करीब 10 हजार ने दी थी कुर्बानी -मुगल-अंग्रेजों ने मेवातियों पर जमकर जुल्म ढाए, पर देश के साथ कभी गद्दारी नहीं की।

-देश की आजादी में मेवात के बहादुरों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। -देश की पहली क्रांति में करीब 10 हजार ने दी थी

जाने कितकू चम्पत होगी, पींडी और सुहाली ! नो दो ग्यारह बनवारे, और खो गये लोटा थाली !! बटणा और बाखलीन की, ना दीखे खुश हाली ! कहीं सुनाई ना देवे, अब बरातीन कू गाली !! नहीं गिरे कहीं रंग प्यार को, ना है छाप लगाई ! सब कुछ होगो खतम, बखत ने कैसी पलटी खाई !!

मेवात के मशहूर कवि फैजी उस्मानखां की ये कविताए हमारे पुरखों की तहजीब और रिवायतों को जिंदा रखे हुए जमीदारा के कामों के नाम और

चौधरी सरदार ख़ान (मास्टरजी) ।। यौम-ए-वफ़ात ॥ ‘आज के दिन अस्त हो गया था काेम ए खिदमत का सूरज’ मेवातियों के दिलो में हमेशा बसे रहेंगे (पूर्व गृह मंत्री)

॥ चौधरी सरदार ख़ान ॥ यौम-ए-वफ़ात ॥ एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा.. आंख हैरान है क्या शख़्स ज़माने से उठा..!!! बिछड़ा

आखिर हरियाणा व राजस्थान के मेवाती मुस्लिमों के लिए 19 दिसंबर का दिन क्यों खास है, पढ़ें पूरी। रिपोर्ट

–– आखिर हरियाणा व राजस्थान के मेवाती मुस्लिमों के लिए 19 दिसंबर का दिन क्यों खास है,   — 19 दिसंबर को गांधी के आश्वासन के

गुरुग्राम लोकसभा सीट से 1967 और 1971 के बाद कोई मुस्लिम सांसद नहीं बन सका।

गुरुग्राम लोकसभा सीट से 1967 और 1971 के बाद कोई मुस्लिम सांसद नहीं बन सका। –फरीदाबाद लोकसभा सीट से 1988 के बाद कोई मुस्लिम सांसद

मेवात के चित्रकार जुबेर को हरियाणा पुरातत्त्व सर्वेक्षण और संग्रहालय विभाग द्वारा आयोजित ” हैरीटेज इवेंट” से आया बुलावा

 मेवात के चित्रकार जुबेर को हरियाणा पुरातत्त्व सर्वेक्षण और संग्रहालय विभाग द्वारा आयोजित ” हैरीटेज इवेंट” से आया बुलावा   • 21 जनवरी को गुड़गांव

छत्रपति शिवाजी को औरंगजेब की आगरा जेल से मेव बहादुर छुड़ाकर लाए थे

  –छत्रपति शिवाजी को औरंगजेब की आगरा जेल से मेव बहादुर छुड़ाकर लाए थे -’राजा हसन खां मेवाती’ वतनपरस्त सोच का उदाहरण है – मेव

मेवात के जयसिंहपुर निवासी सीआरपीएफ कमांडेंट मोहम्मद खालिद को मिला *होम मिनिस्टर स्पेशल ऑपरेशन मेडल*

  मेवात के जयसिंहपुर निवासी सीआरपीएफ कमांडेंट मोहम्मद खालिद को मिला *होम मिनिस्टर स्पेशल ऑपरेशन मेडल* •नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने पर मिला सम्मान •

मेवात का मेव मुस्लिम, अपने आपको क्यों, सूर्य और चंद्रवाशी कहते हैं। मेवों की कितनी पाल और गोत्र हैं, जो हिंदुओ से मिलती हैं। देखे मेवों की पूरी हिंस्टी

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-देश की आजादी में मेवात के बहादुरों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। -देश की पहली क्रांति में करीब 10 हजार ने दी थी कुर्बानी -मुगल-अंग्रेजों ने मेवातियों पर जमकर जुल्म ढाए, पर देश के साथ कभी गद्दारी नहीं की।

-देश की आजादी में मेवात के बहादुरों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। -देश की पहली क्रांति में करीब 10 हजार ने दी थी

जाने कितकू चम्पत होगी, पींडी और सुहाली ! नो दो ग्यारह बनवारे, और खो गये लोटा थाली !! बटणा और बाखलीन की, ना दीखे खुश हाली ! कहीं सुनाई ना देवे, अब बरातीन कू गाली !! नहीं गिरे कहीं रंग प्यार को, ना है छाप लगाई ! सब कुछ होगो खतम, बखत ने कैसी पलटी खाई !!

मेवात के मशहूर कवि फैजी उस्मानखां की ये कविताए हमारे पुरखों की तहजीब और रिवायतों को जिंदा रखे हुए जमीदारा के कामों के नाम और

चौधरी सरदार ख़ान (मास्टरजी) ।। यौम-ए-वफ़ात ॥ ‘आज के दिन अस्त हो गया था काेम ए खिदमत का सूरज’ मेवातियों के दिलो में हमेशा बसे रहेंगे (पूर्व गृह मंत्री)

॥ चौधरी सरदार ख़ान ॥ यौम-ए-वफ़ात ॥ एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा.. आंख हैरान है क्या शख़्स ज़माने से उठा..!!! बिछड़ा

आखिर हरियाणा व राजस्थान के मेवाती मुस्लिमों के लिए 19 दिसंबर का दिन क्यों खास है, पढ़ें पूरी। रिपोर्ट

–– आखिर हरियाणा व राजस्थान के मेवाती मुस्लिमों के लिए 19 दिसंबर का दिन क्यों खास है,   — 19 दिसंबर को गांधी के आश्वासन के

गुरुग्राम लोकसभा सीट से 1967 और 1971 के बाद कोई मुस्लिम सांसद नहीं बन सका।

गुरुग्राम लोकसभा सीट से 1967 और 1971 के बाद कोई मुस्लिम सांसद नहीं बन सका। –फरीदाबाद लोकसभा सीट से 1988 के बाद कोई मुस्लिम सांसद

मेवात के चित्रकार जुबेर को हरियाणा पुरातत्त्व सर्वेक्षण और संग्रहालय विभाग द्वारा आयोजित ” हैरीटेज इवेंट” से आया बुलावा

 मेवात के चित्रकार जुबेर को हरियाणा पुरातत्त्व सर्वेक्षण और संग्रहालय विभाग द्वारा आयोजित ” हैरीटेज इवेंट” से आया बुलावा   • 21 जनवरी को गुड़गांव

छत्रपति शिवाजी को औरंगजेब की आगरा जेल से मेव बहादुर छुड़ाकर लाए थे

  –छत्रपति शिवाजी को औरंगजेब की आगरा जेल से मेव बहादुर छुड़ाकर लाए थे -’राजा हसन खां मेवाती’ वतनपरस्त सोच का उदाहरण है – मेव

मेवात के जयसिंहपुर निवासी सीआरपीएफ कमांडेंट मोहम्मद खालिद को मिला *होम मिनिस्टर स्पेशल ऑपरेशन मेडल*

  मेवात के जयसिंहपुर निवासी सीआरपीएफ कमांडेंट मोहम्मद खालिद को मिला *होम मिनिस्टर स्पेशल ऑपरेशन मेडल* •नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने पर मिला सम्मान •

मेवात का मेव मुस्लिम, अपने आपको क्यों, सूर्य और चंद्रवाशी कहते हैं। मेवों की कितनी पाल और गोत्र हैं, जो हिंदुओ से मिलती हैं। देखे मेवों की पूरी हिंस्टी

• मेवात का मेव मुस्लिम, अपने आपको क्यों, सूर्य और चंद्रवाशी कहते हैं। • मेवों की कितनी पाल और गोत्र हैं, जो हिंदुओ से मिलती

-देश की आजादी में मेवात के बहादुरों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। -देश की पहली क्रांति में करीब 10 हजार ने दी थी कुर्बानी -मुगल-अंग्रेजों ने मेवातियों पर जमकर जुल्म ढाए, पर देश के साथ कभी गद्दारी नहीं की।

-देश की आजादी में मेवात के बहादुरों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। -देश की पहली क्रांति में करीब 10 हजार ने दी थी

जाने कितकू चम्पत होगी, पींडी और सुहाली ! नो दो ग्यारह बनवारे, और खो गये लोटा थाली !! बटणा और बाखलीन की, ना दीखे खुश हाली ! कहीं सुनाई ना देवे, अब बरातीन कू गाली !! नहीं गिरे कहीं रंग प्यार को, ना है छाप लगाई ! सब कुछ होगो खतम, बखत ने कैसी पलटी खाई !!

मेवात के मशहूर कवि फैजी उस्मानखां की ये कविताए हमारे पुरखों की तहजीब और रिवायतों को जिंदा रखे हुए जमीदारा के कामों के नाम और

चौधरी सरदार ख़ान (मास्टरजी) ।। यौम-ए-वफ़ात ॥ ‘आज के दिन अस्त हो गया था काेम ए खिदमत का सूरज’ मेवातियों के दिलो में हमेशा बसे रहेंगे (पूर्व गृह मंत्री)

॥ चौधरी सरदार ख़ान ॥ यौम-ए-वफ़ात ॥ एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा.. आंख हैरान है क्या शख़्स ज़माने से उठा..!!! बिछड़ा

आखिर हरियाणा व राजस्थान के मेवाती मुस्लिमों के लिए 19 दिसंबर का दिन क्यों खास है, पढ़ें पूरी। रिपोर्ट

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