फर्जी सर्टिफिकेट से चुनाव लडऩे वाले सरपंचों पर लटक रही है तलवार
• अब तक पांच सरपंच और एक जिला पार्षद हो चुका हैं बर्खास्त
• अभी भी 15 सरपंच जांच के घेरे में
• कई सरपंच पहुंच चुके हैं हाईकोर्ट
: फर्जी प्रमाण पत्रों पर चुनाव लडने वाले सरंपचों में मचा हुआ है हडक़ंप
यूनुस अलवी मेवात:
नूंह जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे चुनाव लडना अब मुसीबत बन गया है। प्रशाशन जहां ऐसे चुनाव लडने वालों को बर्खास्त करने के साथ साथ उनके खिलाफ और जारी करदा संस्थानों के खिलाफ भी धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करा रहा है। जिला प्रशासन अब तक नूंह जिला के पांच सरपंच और एक जिला पार्षद को बर्खास्त कर चुका है तथा लहरवाड़ी गांव में सरपंच का चुनाव भी करा चुका है। अभी भी नूंह जिला के करीब 15 सरपंचों से शेक्षेणिक प्रमाण पत्रों की जांच चल रही है। जिनमे से अधिकतर के फर्जी सर्टिफिकेट होने की बात सामने आ रही है।
आपको बता दें हरियाणा सरकार ने पंचायत का चुनाव लडने के लिए अनुसूचित जाति की महिला के लिए 5वीं और 8 वीं और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 8 वीं तथा पुरुषों के लिए दसवीं पास होने पर ही चुनाव लडने का अधिकार दिया था।
पंचायत चुनावों में सरकार की इस शर्त से अधिकतर चुनाव की तयारी कर रहे सरपंचों ने अपनी या महिला सरपंचों ने फर्जी सर्टिफिकेट हासिल कर चुनाव लडा और जीते भी। लेकिन उनके विरोधियों ने उनके स्कूल प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए जिला उपायुक्त को शिकायत की। डीसी ने संबंधित एसडीएम से इनकी जांच करा रहा है। एसडीएम और प्रशाशन की जांच के बाद अब तक पांच सरपंच और एक वार्ड नंबर 17 से जिला पार्षद को उनके पद से बर्खास्त किया जा चुका है। जबकि करीब 15 ऐसे मामलो की जांच चल रही है।
आपको बता दें की फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर सरपंच बनने वाले पुन्हाना उपमंडल से लहरवाड़ी व जालिका, तावडूं उपमंडल से डालाबास व चीला सहित इंडरी खंड से खोड गांव की महिला सरपंचों को बर्खास्त किया जा चुका है तथा इन्हें प्रमाण पत्र जारी करने वाले स्कूलों के विरूद्ध भी मामला दर्ज कराया गया है। जबकि लहरवाड़़ी गांव की महिला सरंपच के पदमुक्त होने के बाद प्रशासन द्वारा लहरवाड़ी गांव में उपचुनाव कराते हुए दूसरी सरपंच भी बन गई है। अभी भी जांच के घेरे में नूंह जिले के सिरौली, बढ़ाह, आंधाकी, खेडा, गोहेता डूडौली, करहेड़ा व सालाका सहित 15 गांवों के सरपंचों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। इनमें से अधिकतर गांवों के सरपंचों की जांच संबधित उपमंडल अधिकारियों द्वारा करा ली गई है और इन सरपंचों को अपना पक्ष रखने के लिए आखिरी समय दिया गया है। जबकि सिरौली व डूडौली सहित कई गांव का मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है।
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