अपने धर्म की पालना करें और दूसरे के धर्म को गलत न कहें-शाही इमाम लुधियानवीं
-जब बिलकिस मामले के दोषियों का 20 साल में आचरण ठीक हो गया तो अन्य जाती के लोगों को भी आचरण पर छोडे जो 25-30 साल से जेलों में बंद हैं-शाही इमाम लुधियानवी
पंजाब के शाही इमाम मौलाना हजरत उसमान लुधियानवी ने मेवात में करी जबरदस्त तकरीर। एक बार जरूत सुने।
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यूनुस अलवी
मंेवात-हरियाणा
मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के अध्यक्ष एंव पंजाब के ष्षाही इमाम मोलाना हजरत मुहम्मद उसमान लुधियानवीं और इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर व ऑल इंडिया जमीयत कुरैष के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैषी सोमवार को नूंह पहुंचें। इस मौके पर उन्होने संयुक्त रूप से मेवात गर्ल्स स्कूल और मेवात गर्ल्स होॅस्टल का शिलान्यास किया। मुख्य अतिथियों के पहुंचने पर उनका फूलमाला और सोल उढाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें मेवात, दिल्ली, उत्तर प्रदेष और पंजाब से कई बडे उलेमा और प्रमुख लोग मौजूद रहे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुऐ पंजाब के षाही इमाम मोलाना हजरत मुहम्मद उसमान लुधियानवीं सबसे पहले गर्ल्स स्कूल और गर्ल्स हॉस्टल को मेवात की लडकियों के लिए एक अच्छी षुरूआत बताया। वहीं इसके आयोजकों को मुबाराकबाद दी।
वहीं षाही इमाम ने गुजरात की बिलकिस मामले के आरोपियों को जल्द छोडे जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुऐ कहा कि अगर सरकार ये समझे की 20 साल में किसी आदमी का आचरण ठीक हो गया है और उनको छोड़ा जा रहा है तो फिर दूसरे धर्म की लोग जो 25-30 साल से जेलों में बंद हैं उनका भी अगर आचरण ठीक हो गया है तो उन्हें भी छोड दिया जाये।
पंजाब के शाही इमाम उसमान लुधियानवी ने बिलकिस बानो के दोषियों को छोड़े जाने पर दिया बड़ा बयान।
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ष्रविवार को असम में दो इमामों की गिरफ्तारी पर षाही इमाम ने कहा कि अगर वे गलत हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेग लेकिन जाति धर्म के नाम पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अधिक्तर अदालत के जो फैंसले आते हैं उसके बाद पता चल जाता है कि कोई कितना दोषी हैं। लफजों की बुनियाद पर कार्रवाई ने की जाये।
देष में फिलहाल के हालात पर उन्होने कहा आज जो देष में मुसलमान परेषान हैं उसके लिए मुस्लिम लीडर षिप जिम्मेदार है।
इससे पहले उन्होने जनसभा को सम्बोधित करते हुऐ कहा कि मेवात ही नहीं देष के मुसलमानों को उच्च षिक्षा हांसिल करनी होगी तभी वे तरक्की कर सकते हैं। उन्होने कहा इसलाम धर्म में सबसे पहले इक्रा यानि पढो का हुक्म दिया गया हैं मुसलमानों को फिरकों में लडने के बजाये षिक्षा और रोजगार पर ज्यादा ध्यान देना होगा। उन्होने कहा मुसलमान अपने धर्म की पालना करें और दूसरे के धर्म को गलत न कहें। उन्होने कहा जिसकी नमाज में नफरत ष्षामिल है उसकी नमाज नहीं होती है। उन्होने कहा आज मुसलमानों ने रिवायतों को छोडकर रस्मों को पकड लिया है।
इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर व ऑल इंडिया जमीयत कुरैष के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैषी ने कहा कि इसलाम धर्म में षिक्षा का हुक्म है लेकिन षिक्षा का फायदा दूसरे समाज के लोग उठा रहे है। उन्होने कहा जब तक मुसलमान षिक्षा हासिंल नहीं करेगा वह तरक्की नहीं कर सकता है। आज मुसलमान षिक्षा की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है जबकि षिक्षा हर परेषानी से निकालती है।
इस मौके पर गफ्फार कुरैषी पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार, प्रोग्राम के आयोजक हेदर टांई सहित काफी प्रमुख लोग मौजूद रहे।
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