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नूंह में तंबाकू निवारण केंद्र में लोग नशा छोड़ने के लिए अपने आप बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग।

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नूंह में तंबाकू निवारण केंद्र में लोग नशा छोड़ने के लिए अपने आप बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग।

• 80 से अधिक लोग तंबाकू और नशे की लत से छुटकारा के लिए पहुंच रहे हैं

• 2012 से अब तक 25 हजार से अधिक नशा के मरीज इलाज के लिए पहुंचे।

 

फोटो। तंबाकू निवारण केंद्र के बाहर मरीजों की लगी भीड़

फोटो डॉ निखिल गोयल इंचार्च तंबाकू निवारण केंद्र नूंह।

 

 

यूनुस अलवी। नूंह। हरियाणा।

जिले में तंबाकू और नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए लोगों में जबरदस्त जागरूकता देखी जा रही है। शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नूंह में स्थापित तंबाकू निवारण केंद्र लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग नशा छोड़ने के लिए पहुंच रहे हैं।

 

80 से 100 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे केंद्र पर

 

यह तंबाकू निवारण केंद्र हाल ही में 17 मार्च को आधिकारिक रूप से शुरू किया गया है, लेकिन 2012 से ही यह केंद्र नशा मुक्ति के लिए कार्य कर रहा था। इस केंद्र के इंचार्ज डॉ. निखिल गोयल के अनुसार, हर दिन 15 से 20 मरीज तंबाकू (बीड़ी, सिगरेट, गुटखा) छोड़ने के लिए आ रहे हैं, जबकि 80 से अधिक लोग अन्य नशे से छुटकारा पाने के लिए केंद्र का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2012 से अब तक 25,000 से अधिक लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें से कई लोग सफलतापूर्वक नशा छोड़ चुके हैं।

 

नशा छोड़ने के लिए इच्छाशक्ति जरूरी

डॉ. निखिल गोयल ने कहा कि नशे से मुक्ति पाने के लिए सबसे पहले इच्छाशक्ति का होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि तंबाकू और अन्य नशों को छोड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम मरीजों की मदद कर रही है। लोग घर बैठे भी नशा छोड़ सकते हैं, बशर्ते वे खुद इसके लिए तैयार हों।

 

तंबाकू के दुष्प्रभाव और स्वास्थ्य पर असर

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू सेवन शरीर के लिए धीमा जहर है, जो धीरे-धीरे इंसान को मौत के करीब ले जाता है। तंबाकू और नशीले पदार्थों के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

 

तंबाकू सेवन के कुछ बड़े दुष्प्रभाव इस प्रकार हैं:

फेफड़ों और मुंह का कैंसर: बीड़ी-सिगरेट और गुटखे के कारण मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।

 

दिल की बीमारी: तंबाकू रक्तचाप बढ़ाता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

 

सांस की समस्या: धूम्रपान करने वाले लोगों को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन संबंधी रोग हो सकते हैं।

 

प्रजनन क्षमता पर असर: तंबाकू सेवन से पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है।

 

 

सरकारी प्रयास और जनजागरूकता अभियान

 

राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार नशा मुक्ति और तंबाकू उन्मूलन के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। नूंह जिले में इस केंद्र के शुरू होने से लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अब वे खुद नशा छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं।

जनता से अपील

 

डॉ. निखिल गोयल और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और अपने परिवार व समाज को भी इसके दुष्प्रभावों से बचाएं। यदि कोई नशे की लत से जूझ रहा है, तो उसे जल्द से जल्द शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज स्थित तंबाकू निवारण केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

 

तंबाकू और नशे को छोड़कर एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

 

 

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Author: Khabarhaq

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